Thursday, 15 April 2010

तू मेरी वूफर... मैं तेरा एंप्लीफायर

ये नया गाना है जो आज कल एफ एम रेडियो के हर चैनल पर गूंज रहा है.

इमरान खान नाम का गायक है. ट्यून कैची है इसलिए यू ट्यूब पर सर्च किया और मिल भी गया.

एम्सटर्डम जाने वाले हाई वे पर एक बेहद कीमती कार दौड़ रही है. इमरान खान गाड़ी चला रहे हैं. ओवरस्पीड है इसलिए दो पुलिस वाले पीछा भी करते हैं.

इमरान खान गाना गाने में मसरूफ हैं. इसलिए पुलिस वालों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं. गाने के बोल कुछ-कुछ समझने की कोशिश भी करता हूं. कह रहा है 200 की स्पीड पर गाड़ी चला रहा है वगैरह वगैरह.

200 की स्पीड यानी किलोमीटर नहीं माइल. 200 माइल प्रति घंटा यानी करीब 350 किलोमीटर प्रति घंटा.

एम्सटर्डम जाने वाली चिकनी और रपटीली राहों पर फिसलती गाड़ी, पुलिस की दो गाड़ियां पीछा करती हुईं. एक वृद्ध दंपति नक्शा पकड़ते हुए रास्ता ढूंढने के लिए सड़क पर खड़े हैं. इमरान की गाड़ी और उसके पीछे पुलिस की दो गाड़ियां फर्र से निकल जाती हैं.

फिर इमरान पहुंचता है एक नाइट क्लब में. ज़्यादातर नौजवान सन ग्लासेज़ लगाए हुए हैं. रात में चश्मा समझ में नहीं आया. शायद फैशन हो.

पर मैं ये सब इसलिए लिख रहा हूं कि कैसे लड़के-लड़कियों के रिश्तों को परिभाषित करने के लिए नई-नई उपमाएं तलाशी जा रही हैं.

नई पौध की ये टैक सेवी सोच गानों में भी दिखती है. तू मेरी वूफर मैं तेरा एंप्लीफायर.

वैसे वूफर और एंप्लीफायर दोनों ही आवाज़ बढ़ाने के काम में आते हैं. यानी वूफर या एंप्लीफायर में से कोई एक भी हो तो भी काम चल जाता है.

पहले की फिल्मों में इन्हीं रिश्तों को कुछ अलग ढंग से रखा जाता था.

पर अब ज़माना बदल गया है.

अब नए गाने आने वाले दिनों में शायद कुछ इस तरह भी लिखे जाएं.

-तू मेरी हार्ड डिस्क... मैं तेरा सॉफ्टवेयर...

- तू मेरी आईपॉड..... मैं तेरा हैंड्स फ्री...

- तू मेरी कोच्ची... मैं तेरा शशि थरूर...

या

- तू मेरी आईपीएल... मैं तेरा ललित मोदी...

मुझे उस दिन का इंतजार रहेगा.. और आपको?

पुनश्च:  

हो सकता है इस गाने के बोल के शब्द इधर-उधर हो गए हों क्योंकि मुझे पूरी तरह से समझ में नहीं आया. जितना आया- वैसे लिख दिया.